गंगापार, जून 27 -- इस समय जल जीवों की वीडिंग का समय चल रहा है। जल में रहने वाले जीवों को कोई मार न सके, इसके लिए शासन व विभाग से स्थानीय पुलिस प्रशासन व संबधित विभाग को निर्देश प्राप्त हो चुके हैं। बावजूद इसके मछली मारने वाले शिकारी दिन रात मछली का शिकार कर आर्थिक मुनाफा कमा रहे हैं। 15 जनू से 15 अगस्त के बीच मछलियां व जल में रहने वाले कछुए सहित अन्य जीव अंडे देते हैं। गंगा व टोंस सहित अन्य नदियों में विभिन्न प्रकार की मछलियां व अन्य जल जीव पाए जाते हैं। बाढ़ के समय पानी मटमैला हो जाने पर जल जीव उपरी सतह में पहुंच जाते हैं, जिससे शिकारी जाल डाल कर इन्हें पकड़ ले रहे हैं। परानीपुर से मिर्जापुर के गोंगाव तक शासन की ओर से कछुआ सेच्युरी घोषित हो गया है, इस क्षेत्र में मछली व अन्य जल जीवों को मारने पर वन विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई किए जाने का ...
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