आगरा, नवम्बर 27 -- जनपद कासगंज में विकसित गंगा वन और भागीरथ वन पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक पर्यटन के दो बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं। लाखों पौधों से विकसित ये विशाल वन क्षेत्र जहां जिले की वायु गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, वहीं ग्रामीण और प्राकृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं भी पैदा कर रहे हैं। लेकिन इन दोनों हरित क्षेत्रों तक पहुंचने की वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है। सोरों के दतलाना गांव से भागीरथ वन को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह कच्चा है। पहले यह खड़ंजा मार्ग था, लेकिन अब वह टूट चुका है। बरसात और सर्दियों में रास्ते में जगह-जगह पानी भर जाने से चार पहिया वाहन से पहुंच पाना मुश्किल ही नहीं, बल्कि जोखिम भरा हो जाता है। इसी तरह चंदनपुर घटियारी स्थित गंगा वन को जोड़ने वाला मार्ग भी कच्चा है, जिससे पर्यटक, स्थानी...
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