प्रतापगढ़ - कुंडा, जनवरी 3 -- कुंडा, संवाददाता। सर्दी पर श्रद्धालुओं की आस्था भारी पड़ी। आधी रात के बाद से ही हर-हर गंगे के जयकारे संग श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाने लगे। पौष पूर्णिमा पर शनिवार शाम तक गंगा में स्नान ध्यान और पूजन का क्रम चलता रहा। पौष पूर्णिमा से ही माघ महीने का नियमित स्नान शुरू होता है। माघ महीने में ही गणेश चर्तुथी, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी जैसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व पड़ते हैं। माघ महीने में गंगा स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। यही कारण है कि पौष पूर्णिमा पर गंगा स्नान का पुण्य लाभ पाने को भीषण सर्दी के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ गंगा घाटों पर शुक्रवार-शनिवार की आधी रात से पहुंचने लगी। रात में ही श्रद्धालु हर-हर गंगे के जयकारे के साथ गंगा में डुबकी लगाने लगे। गंगा स्नान, दान, पूजन के बाद ब्राम्हणों को दा...