चंदौली, जनवरी 6 -- चहनियां, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनीं गंगा तट पर नाबदान का गंदा पानी घाट पर बने मार्ग के रास्ते पतित पावनी गंगा में जा रहा है। ग्रामीणो की शिकायत के बाद भी इसे दुरुस्त करने की जरूरत नही समझी गयी। क्षेत्रीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि यह हाल तब है जब मकर सक्रांति, मौनी अमावस्या जैसे बड़े स्नान ध्यान का त्यौहार नजदीक आ रहा है। इसे लेकर श्रद्धालुओ में आक्रोश व्याप्त है। बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनीं गंगा तट पर घाट के सुंदरीकरण में शामिल पक्के पुल की तरफ से एक मार्ग बनाया गया। ताकि भीड़ होने पर लोग इस मार्ग से निकल जाये। इस मार्ग पर नाबदान का गंदा पानी बहते हुए गंगा में समाहित हो रहा है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति और 18 जनवरी को मौनी अमावस्या का स्नान पड़ रहा है। इन दोनों महत्वपूर्ण पर्वों पर काफी ...