पटना, फरवरी 19 -- गंगा बेसिन की नदियों के पानी का सात दिनों का पूर्वानुमान मिलेगा। जल संसाधन विभाग ने इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है। इसके तहत मात्रात्मक वर्षा पूर्वानुमान का आंकड़ा लिया जाएगा। इससे भविष्य योजना बनेगी। पिछले वर्ष बाढ़ अवधि में इसका मॉडल प्रयोग सफल रहा है। लिहाजा, अब विभाग इनका नियमित रूप से प्रयोग सुनिश्चित करेगा। विभाग का मानना है कि इससे बाढ़ से बचाव में मदद मिलेगी। खासकर उत्तर बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ से बचाव के लिए इस आंकड़े का उपयोग प्रभावी होगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सात दिनों के पूर्वानुमान से बाढ़ को लेकर रणनीति बनाने के साथ-साथ पहले से तैयारी करने, बचाव कार्यों में मदद मिलेगी। यही नहीं इसके कारण संसाधनों की क्षति को भी कम से कम किया जा सकेगा। तटबंधों को बचाने और नदियों के पेट में रहने वाले लोगों को ब...