खगडि़या, दिसम्बर 27 -- परबत्ता । एक प्रतिनिधि दशकों से प्रखंड का गंगा घाट अगुवानी में कड़ाके की ठंड में शव का अंतिम संस्कार परिजनों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। जबकि इस गंगा घाट पर शव दाह संस्कार के लिए जिला ही नहीं पड़ोसी जिला से गंगा घाट अगुवानी लोग आया करते हैं। उत्तरवाहिनी गंगा घाट पर शवदाह गृह का निर्माण नहीं होना आमजन के लिए एक गंभीर समस्या बन चुकी है। इस कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे के बीच प्रतिदिन दर्जनों शवों का खुले में दाह-संस्कार किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार अगुवानी गंगा घाट केवल परबत्ता ही नहीं, बल्कि आसपास के कई प्रखंडों और जिलों के लोगों के लिए अंतिम संस्कार का प्रमुख स्थल है। रोजाना बड़ी संख्या में शव यहां दाह संस्कार के लाए आते हैं, लेकिन स्थायी शवदाह गृह के अभाव में लोगों को खुले आसमान के नीचे अंतिम...
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