वाराणसी, नवम्बर 23 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। काशी कला कस्तूरी और अंजोरा की तरफ से रविवार की शाम गंगा महल घाट पर 'शाम ए ग़ज़ल' का आयोजन किया गया। महफ़िल में आये हुए मेहमानों ने ग़ज़ल के समंदर में खूब गोते लगाए। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल संजीव कुमार सिंह ने वसीम बरेलवी की ग़ज़ल 'आपको देख कर देखता रह गया...' और पंकज उधास की ग़ज़ल 'घुंघरू टूट गए...' सुनाया। डॉ. जया शाही ने बेगम अख्तर की ग़ज़ल 'मेरे हम नफ़स मेरे हमनवा', मेहंदी हसन की 'रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ', 'दुनिया जिसे कहते है जादू का खिलौना है...' सुनाकर महफिल को खुशनुमा बना दिया। तबले पर श्रीकांत मिश्र और हारमोनियम पर मोहित साहनी ने संगत की। काशी कला कस्तूरी की संस्थापिका अध्यक्ष डॉ. शबनम ने अतिथियों का स्वागत किया। श्याम कृष्ण अग्रवाल ने कलाकारों और अतिथियों का अभिनंदन कि...