संभल, अगस्त 26 -- पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही मूसलधार बारिश, हरिद्वार और बिजनौर से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा जलस्तर मंगलवार को फिर बढ़ गया। इससे गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा गया है। गंगा का बढ़ता जलस्तर एक बार फिर गंगा किनारे बसे गांवों के लिए संकट का संकेत बन गया है। प्रशासन भले ही अभी स्थिति को नियंत्रण में बता रहा हो, लेकिन ग्रामीणों की आंखों में डर साफ झलक रहा है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से राजघाट, नरौरा के अलावा रघुपुर पुख्ता, मेगरा, नरुपुरा, शालिग की मढ़ैया, मैदावली, तोतापुर, बझागी, ईसमपुर डांडा जैसे गंगा के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इन गांवों के लोग भयभीत हैं और कई परिवार सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन की तैयारी कर रहे हैं। मंगलवार शाम करीब 7 बजे तक नरोरा बैराज मुन्शी संजय ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.