रुडकी, सितम्बर 21 -- पितृ विसर्जन अमावस्या के अवसर पर रविवार को गंगनहर घाटों पर तर्पण के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। लोगों ने जल दान करके अपने पितरों को विदाई दी। श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित रामगोपाल परासर ने बताया कि श्राद्ध पक्ष में पितृ लोग पृथ्वी पर आकर अपने घरों पर निवास करते हैं। पितृ विसर्जन अमावस्या के दिन इनकी विदाई हुआ करती है। लोग अन्न जल एवं वस्त्र इत्यादि दान करने के साथ पित्रों के नाम से तर्पण करते हैं। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर मंदिर से जुड़े लोगों ने ऐसे लोगों की आत्मा शांति के लिए प्रार्थना कर विदाई दी गई है, जिनके उत्तराधिकारी किसी कारणवश तर्पण नहीं कर पाते। इस अवसर पर कबीर दास, बीएल अग्रवाल, पंडित लव कुश शर्मा, रामगोपाल पाराशर, पप्पू कश्यप आदि मौजूद रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से ए...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.