गाज़ियाबाद, सितम्बर 29 -- ट्रांस हिंडन। खोड़ा में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लिए एक साल बाद भी जमीन नहीं मिल पाई है, जिसके चलते योजना में देरी हो रही है। करीब एक साल पहले योजना का काम शुरू होना था। जमीन न मिलने के कारण अभी तक सिर्फ पाइपलाइन डालने का काम ही शुरू हो सका है। अनियोजित तरीके से बसे खोड़ा में 10 लाख से अधिक की आबादी है। यहां सीवर नेटवर्क नहीं है, जिस कारण गंदा पानी और मल दो नालों से होता हुआ यमुना में गिर रहा है। यमुना के बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए एनजीटी में याचिका डाली गई थी। एनजीटी के आदेश पर जल निगम ने सर्वे कर अमृत योजना 2.0 में प्रस्ताव भेजा, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकृत कर दिया था। संकरी गलियों के कारण यहां सीवर नेटवर्क नहीं बिछाया जा सकता, जिसके चलते नालों को टैप कर गंदा पानी एसटीपी तक ले जाने और इसे शोधित कर ...
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