देहरादून, फरवरी 14 -- गैंगस्टर विक्रम शर्मा का आखिरकार वही हश्र हुआ जो अब तक वह दूसरों के साथ करता आया था। विक्रम ने खेल की दुनिया से अपराध की दुनिया में कदम रखा था और उस पर हत्या और अपहरण सहित सात मुकदमे चल रहे हैं। उसने फर्जी दस्तावेजों से कई राज्यों में अकूत संपत्तियां जुटाईं। वर्ष 1998 में पहली बार झारखंड के काबरा अपहरण और हत्याकांड में उसका नाम सामने आया था। वह जेल में बंद झारखंड के कुख्यात अखिलेश की संपत्तियां भी संभाल रहा था।विक्रम देता था जूडो-कराटे का प्रशिक्षण वर्ष 1992 में जमशेदपुर के सिदगोड़ा के सिनेमा दीवार मैदान में जूडो-कराटे का प्रशिक्षण देने वाला एक सेंसेई (कोच) आपराधिक जगत का चर्चित नाम बन गया। इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान उसकी मुलाकात उस युवक से हुई, जो बाद में जमशेदपुर के कुख्यात अपराधी के रूप में पहचाना गया। यह कहानी है...