सिमडेगा, नवम्बर 20 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। जिले में धान कटनी ने जोर पकड़ा है। धान कटनी का कार्य मजदूरों के माध्‍यम से की जा रही है। जबकि धान मिसनी का कार्य मवेशी, ट्रैक्‍टर अथवा मशीन से की जा रही है। गरीब वर्ग के लोग मवेशी के माध्‍यम से धीमी गति से धान मिसनी करने में जुटे हैं। वहीं संपन्‍न वर्ग के किसान ट्रैक्‍टर अथवा मशीन से मिसनी करने में जुटे हैं। मशीन से धान मिसने के लिए प्रति घंटा एक हजार से 1200 से 1500 रुपए लिया जा रहा है। मशीन से धान मिसनी करने वाले कई किसान तो खेत में ही धान मिसने में जुटे हैं। खेत में ही मशीन से धान मिसनी होने से किसानों को खलिहान तक धान लेकर आने की चिंता खत्‍म हो गई है।

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