गंगापार, सितम्बर 9 -- मांडा, संवाददाता। बार-बार हो रही बरसात से बरहाकला सहित आधा दर्जन गांवों में एक माह से भरा बरसाती पानी सूख ही नहीं पा रहा है। जिन खेतों में धान की फसल लहलहानी चाहिए, वहां किसान मछली मार रहे हैं। विनष्ट हुई खेती तमाम किसानों के लिए चिंता व परेशानी का विषय बना हुआ है। मांडा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के गंगा कछार पर स्थित तमाम किसानों की सब्जियों के साथ ही दलहन, तिलहन की खेती भी गंगा के बाढ़ व बरसात में डूबकर तबाह हो गई है, जिससे किसानों में काफी चिंता व तनाव है। एक माह से हो रही अनवरत बरसात से बरहाकला सहित दर्जनों गांवों में बरसाती पानी का निकास न होने से सैकड़ों किसानों की खेती एक माह से बरसाती पानी से डूबकर तबाह हो गई है। बरहा कला गांव के किसान कप्तान सरोज, राजाराम सरोज, छोटेलाल सरोज, जीत नरायन बिंद, पिंटू बिंद, तलाहे...
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