गंगापार, नवम्बर 21 -- हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बावजूद क्षेत्र के विभिन्न गांवों के किसान धान के अवशेष को धड़ल्ले से खेतों में जला दे रहे हैं। पराली व धान के अवशेष को जलाए जाने से जहां एक तरफ वायु प्रदूषण में वृद्धि हो रही है, वहीं पशुओं का चारा समाप्त हो रहा है। पुआल जलाए जाने से आसपास का वातावरण पूरी तरह पूरी तरह बदल चुका है, लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। इसी तरह का हाल गोसौरा खुर्द, शिवपुरा सहित विभिन्न गांवों में देखा जा सकता है, जहां अब तक कई किसानों ने धान के पुआल का आग के हवाले कर दिया। लोगों का कहना है किसान अपने खेत में गेहूं की बोआई के लिए खेत तैयार करने के लिए खेत में पड़े अवशेष को जला दे रहा है। इस बारे में एसडीएम मेजा सुरेन्द्र प्रताप यादव ने कहा कि यदि किसी किसान के द्वारा पुआल जलाया गया है तो उसकी जांच करवा कर कार्रवाई की...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.