सीवान, जुलाई 22 -- बड़हरिया। पूरे प्रखंड में बीस फीसदी धान की रोपनी हो चुकी है। खासतौर पर नहर के किनारे स्थित धान के खेतों में रोपनी हो रही है। लेकिन धान के रोपनी के बाद किसानों के चेहरे बिल्कुल मायूस दिख रहे है। बारिश नहीं होने और उमस भरी गर्मी को लेकर किसान काफी चिंतित है। धान और मक्का के फसल सूखने के कगार पर है। धान के खेतों में दरार पड़ जाने से धान के पौधे सूखने लगे हैं। किसान पंप सेट से पानी देते देते थक चुके है। जिनके चेहरे पर साफ मायूसी झलक रही है।मक्के के फसल पीले पड़ने लगे हैं। वही किसान पटवन की संकट झेल रहे हैं। बतादें की बिना परवाह किए किसान हिम्मत जुटाकर किसान कड़ी मेहनत के बल पर पंपिंग सेट चलाकर धान के बिचड़े को खेतों में डालकर महंगी खाद से धान की रोपनी की थी अब किसानों को फसल सूखते देखकर सब्र का बांध टूटता नजर आ रहा है। जुला...
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