नवादा, नवम्बर 17 -- वारिसलीगंज, निज संवाददाता प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में मजदूरों के अभाव में किसान धान की कटनी हार्वेस्टर से करवाई जा रही है। किसान उक्त खेत में जल्दी रबी बुआई को लेकर धान कटनी के बाद बचे फसल अवशेष को खेतों में जला दे रहे हैं। जिस कारण वातावरण धुंआ धूसरित होकर प्रदूषित हो रहा है। जबकि कृषि विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से यथा रबी महाभियान, खरीफ कार्यशाला, किसान चौपाल आदि कार्यक्रम में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। पराली या पुआल खेतों में नहीं जलाने, पराली जलाने से खेतों की मृदाशक्ति का ह्रास होने, वातावरण में कार्बन मोनो आक्साइड की मात्रा बढ़ने से जनजीवन के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने के अलावा वायु प्रदूषण जनित अन्य बीमारियों के प्रति लोगों को सचेत किया जाता रहा है। बावजूद किसान अपनी क्षणि...
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