बिजनौर, मई 4 -- चीनी मिल बंद हो गई हैं और गन्ना खत्म हो गया है। गुलदार के छिपने का ठिकाना खत्म हो गया है। ऐसे में अब गुलदार के हमले बढ़ रहे हैं। गुलदार ने लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया है। जिले के जंगलों में करीब 400 से अधिक गुलदार घूम रहे हैं। कब किसे गुलदार निवाला बना लें कहना मुश्किल है? गन्ने की फसल बड़ी होने तक गुलदार का आतंक रहेगा। गुलदार का सबसे अच्छा आशियाना गन्ने के खेत है। गुलदार शिकार करने के बाद गन्ने के खेत में आसानी से छिप जाता है। अब दूर-दूर तक गन्ने के खेत नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में गन्ने में छिपकर शिकार करने वाला गुलदार ग्रामीणों के लिए खतरा बन गया है। जिले में गुलदार के हमले बढ़ने लगे हैं। बता दें कि जिले में गुलदार आतंक का पर्याय बन गया है। लोगों पर गुलदार एक के बाद एक हमले कर रहा है। जिले के जंगलों में करीब 400 से अधिक ...
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