समस्तीपुर, दिसम्बर 8 -- जिले में बेहतर फसल की उपज को लेकर हर खेत में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराना था। ताकि किसानों को पटवन में कम लागत लगे। वहीं उत्पादन में वृद्धि हो। लेकिन विद्युत कनेक्शन की धीमी रफ्तार से किसानों के अरमान पर पानी फेर दिया। किसान आज भी निजी पंपसेट व स्टेट बोरिंग के भरोसे किसानी कर रहे है। इसमें से जिले में लगाए गए सरकारी पंपसेट आज सुविधा से अधिक परेशानी का कारण बने हुए हैं। योजना की शुरुआत में किसानों को बड़ी उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें फसलों की सिंचाई के लिए न तो भटकना पड़ेगा और न ही महंगी व्यवस्था करनी होगी। लेकिन कुछ ही समय बाद ये सभी पंपसेट नकारा साबित होने लगे। अफसोस की बात है कि सरकार और संबंधित विभाग की उदासीनता के कारण स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। अधिकांश गांवों में पंपसेट बंद पड़े हैं। किसानों के मुताबिक, उ...