गिरडीह, जून 13 -- डुमरी। पारसनाथ पहाड़ स्थित पुतरीगढ़ा नाला के पानी से कई गांवों के खेतों में सालों भर सिंचाई हो सकती है। यदि इस पानी को पहाड़ की तराई पर डैम बनाकर जमा किया जाए और एक व्यवस्थित तकनीक से इसे खेतों में पहुंचाया जाए तो कई हेक्टेयर खेतों में वर्ष भर फसलें लहलहाती नजर आएगी। साथ ही किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा और पलायन भी रुकेगा। पुतरीगढ़ा नाला के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए करने की मांग इस क्षेत्र के लोग वर्षो से करते रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि पुतरीगढ़ा नाला को पहाड़ की तराई पर डैम बना कर इसके जमा पानी को पाइप या नाली द्वारा खेतों में पहुंचाना आसान है। चूंकि पहाड़ पर या किसी ऊंचे स्थान पर डैम बनने से इसका पानी स्वतः खेतों तक पहुंच जाएगा। इसमें किसी मोटर, पंप या टंकी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस संबंध में पह...
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