समस्तीपुर, नवम्बर 12 -- पूसा। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विवि के पंचतंत्र सभागार में औषधीय एवं सुगंधित पौधों का उत्पादन, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन विषय पर जारी तीन दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार को संपन्न हो गया। इस दौरान प्रशिक्षुओं के बीच प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। मौके पर निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ.रत्नेश कुमार झा ने कहा कि बदलते समय में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन समय की मांग है। प्रशिक्षण आयोजक डॉ. विनिता शतपती ने कहा कि बिहार में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती 100 हेक्टेयर से भी कम क्षेत्र में की जा रही है। परंपरागत खेती की तुलना में यह खेती अधिक लाभकारी एवं पर्यावरण के अनुकूल विकल्प साबित हो सकती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.