गंगापार, दिसम्बर 17 -- भले ही शासन द्वारा किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की गई हो पर जमीनी हकीकत देखा जाए तो आज का किसान अन्य सुविधाएं तो दूर खाद और पानी के लिए जूझ रहा है। खाद पानी की समस्या को दूर करने के लिए शासन प्रशासन के जिम्मेदार लोगों के अतिरिक्त क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों तक के दरवाजे खटखटा रहा है। बावजूद इसके उसकी बात सुनने वाला कोई नहीं है। जिसको लेकर किसानों में आक्रोश और निराशा दोनों ही व्याप्त होते जा रहे हैं। किसानो की रुचि कृषि कार्य की ओर से दिन प्रतिदिन हटती जा रही है। मायूस किसान मजबूर होकर खेती छोड़ परिवार के भरण पोषण के लिए परदेश जाने को विवश हो रहे हैं। वर्तमान में की गई गेहूं की खेती को बचाने के लिए किसानों की परेशानी अब उनके मुंह जबानी सुनी जा सकती है। किसानों का कहना है कि अब जब गेहूं की खेती को पानी और खाद...
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