रांची, सितम्बर 24 -- खूंटी, संवाददाता। शारदीय नवरात्र शुरू होते ही खूंटी जिले में दुर्गोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में एक दर्जन से अधिक पूजा पंडाल बनाए जा रहे हैं, लेकिन खूंटी शहर का हरि मंदिर अपनी अनूठी परंपरा और बंगला रीति-रिवाज से होने वाली दुर्गा पूजा के लिए खास पहचान रखता है। यहां 1943 से लगातार दुर्गा पूजा होती आ रही है। इस वर्ष समिति द्वारा 82वां वर्षगांठ मना रही है। पूजा को खास बनाने में पूरे परिवार के लोगों जुटे हुए हैं। पूजा में शरीक होने के लिए कोलकाता, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, बिहार, उड़ीसा, दिल्ली, बंगलोर, रांची सहित दूसरे प्रदेशों एवं देश के बाहर रहने वाले लोगों का भी खूंटी पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। 1943 में हुई थी मंदिर की स्थापना: हरि मंदिर की स्थापना 1943 में संस्थापक सदस्य तमाल कृ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.