रांची, अक्टूबर 9 -- खूंटी, संवाददाता। राष्ट्रीय घरेलू कामगार संगठन के तत्वावधान में बुधवार को खूंटी क्लब में अंतरराष्ट्रीय मर्यादापूर्ण कार्य दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में घरेलू कामगारों ने भाग लिया और अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2011 में भारत सरकार ने जिनेवा में कन्वेंशन-189 को मंजूरी दी थी, जिसमें घरेलू कामगारों को अन्य श्रमिकों के समान अधिकार देने की बात कही गई थी। बावजूद इसके आज भी घरेलू कामगारों को न्याय, सम्मान और उचित मजदूरी नहीं मिल पा रही है। सिस्टर अंशु ने कहा कि घरेलू काम भी एक काम है और घरेलू कामगार भी कामगार हैं, इसलिए उनके लिए व्यापक कानून बनाना जरूरी है। रैना किस्पोट्टा ने कार्यस्थलों पर हो रहे शोषण पर चिंता जताई, जबकि आशा टिर्की ने न्यूनतम मजदूरी और साप्ताहि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.