गुड़गांव, फरवरी 20 -- गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। हरित क्षेत्रों के रखरखाव के नाम पर 11 कंपनियों और बिल्डरों पर खानापूर्ति का आरोप लगा है। सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत आरक्षित फंड खर्च नहीं किया जा रहा है। जीएमडीए की गुरुवार को हुई बैठक में फैसला हुआ कि तीन दिन में सभी को नोटिस दिया जाएगा। रखरखाव के लिए एक महीने की मोहलत दी जा जाएगी। इस समयावधि में यदि रखरखाव नहीं किया तो इन कंपनियों के करार को रद्द कर दिया जाएगा। गुरुवार को जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्यामल मिश्रा की अध्यक्षता में पर्यावरण शाखा की बैठक हुई। श्यामल मिश्रा ने 50 कंपनी और बिल्डर के साथ हुए करार को लेकर समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि सभी हरित क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। इनमें से 11 कंपनियों की तरफ से किया जा रहा हरित क्षेत्र का रखरख...
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