फरीदाबाद, जनवरी 9 -- फरीदाबाद। शहर में ट्यूबवेलों से घरों में आपूर्ति किया जा रहा पेयजल लोगों की स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। पानी में न तो क्लोरीन मिलाई जाती है और न गुणवत्ता की जांच की जा रही है, जिसका खुलासा मलेरिया विभाग की रिपोर्ट में हुआ है। विभाग की ओर से पिछले एक साल में निगम के 63 पानी के सैंपल भरे गए, जिनमें से 35 सैंपल जांच में फेल जाए गए। इनमें क्लोरीन की मात्रा बेहद कम पाई गई। जिस कारण लोग खास कर बच्चे पीलिया और हेपेटाइटिस ए बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। स्मार्ट सिटी में पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी एफएमडीए और नगर निगम की है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) द्वारा रेनीवेल के माध्यम से पानी बूस्टर तक पहुंचाया जाता है। वहां से नगर निगम पेयजल लाइनों के माध्यम से घरों तक सप्लाई करता है।इसके अलावा जिन इलाकों म...
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