मुजफ्फरपुर, मई 27 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। खुद पर हुए हमले के मामले में भी पुलिस 24 साल में न्यायालय में गवाह खड़ी नहीं कर पाई। मुकदमे के अंतिम 13 वर्षों में कोर्ट ने कई बार पुलिस अधिकारियों को मामले में गवाह पेश कराने के लिए पत्र लिखा। अंतिम चेतावनी पर भी गवाह नहीं लाए गए तो कोर्ट ने पुलिस पर हमले के आरोपितों को बरी कर दिया। कोर्ट में हुए इस फैसले की प्रति एसएसपी को भेजी गई है। घटना हथौड़ी थाना इलाके में 23 फरवरी 2001 को पितौझिया के पास हुई थी। कार और ट्रक चालक के बीच रोड रेज को लेकर विवाद हुआ था। ट्रक पर सवार लोगों ने चोर-चोर का शोर मचाया तो ग्रामीणों ने कार सवारों को घेर लिया। उसके साथ ग्रामीणों ने जमकर मारपीट की थी। जब पुलिस को सूचना मिली तो कार सवारों को बचाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस कर्मियों के साथ भी मारपीट की गई। इस...
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