आगरा, जनवरी 15 -- गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पांच लोगों ने खुद को शिक्षक बताकर फर्जी सैलरी स्लिप और गलत पता देकर लाखों का पर्सनल लोन ले लिया। जब कंपनी ने जांच की, तो मामला उजागर हो गया। कोर्ट के आदेश पर हरीपर्वत पुलिस ने पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड (पूर्व में फुलटून इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड) के अधिकृत प्रतिनिधि मिथिला बिहारी के अनुसार, मयंक कुमार (आवास विकास), विपिन यादव (मोती कटरा), अशोक कुमार (मधु नगर), मनीष दिवाकर (देवरी रोड सदर) और निरोत्तम सिंह (सैंया) ने स्वयं को सरकारी विद्यालय में कार्यरत बताते हुए फर्जी सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट प्रस्तुत किए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कंपनी ने उन्हें व्यक्तिगत ऋण स्वीकृत किया। आरोप है कि ...