मुजफ्फरपुर, अप्रैल 17 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। खुद के शौक को जिंदा रखने को महिलाओं ने हुनर बैंक बनाया है। किसी को पढ़ने तो किसी को नृत्य और गायन का शौक है। रोटी-दाल की जरूरतों के बीच पिसती महिलाओं के लिए कभी इन शौकों को जिंदा रखना तो दूर इसके बारे में सोचना भी गुनाह था। लेकिन, इस बीच विभिन्न रोजगार से जुड़ जिंदगी जब पटरी पर आई तो इन्होंने अपने शौक को पूरा करने के लिए अनोखा रास्ता अपनाया। किसी की उम्र 40 साल तो कोई 50 साल की। ये महिलाएं जीविका के समूह से जुड़कर अलग- अलग रोजगार के लिए तो पैसे इकट्टा करती ही थीं, इस बीच उन्होंने अपने शौक को जिंदा रखने के लिए हुनर बैंक बनाया। महिलाएं अन्य बचत के अलावा पांच-पांच रुपये अपने शौक को सीखने, किसी हुनर से जुड़ने के नाम पर सहयोग राशि देने लगी। पांच-पांच रुपये की सहयोग राशि देकर इन महिलाओं ने ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.