कानपुर, फरवरी 23 -- कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में तीन दिवसीय राष्ट्रीय मेनोपॉज अधिवेशन का समापन रविवार को हो गया। देश-विदेश से आए लगभग 200 से अधिक डॉक्टरों ने अलग-अलग विषयों पर गहनता से चर्चा की। विशेषज्ञों ने कहा कि घर-परिवार के प्रति महिलाएं जितनी जागरूक हैं, उसका 10 फीसदी भी खुद का ध्यान नहीं रखती हैं। खासकर मेनोपॉज के समय सेहत का ध्यान न रखना भविष्य में परेशानी का कारण बन रही है। डॉ. मिलिंद साह, डॉ. अर्चना द्विवेदी, डॉ. साधना गुप्ता, डॉ. सुनील मोदी, डॉ. नीरज पांडेय, डॉ. अनिल महाजन ने महिलाओं में मोनोपॉज से जुड़ी नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी। उरई से एमबीबीएस करने वाली डॉ. अंशवी राजे ने शोधपत्र को अधिवेशन में पहला पुरस्कार मिला। डॉ. अंशवी ने शोध पत्र में गर्भाशय के ऑपरेशन के समय कम से कम खून का बहाव दवा के जरिए रोकने पर शोध किया। 13...
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