लखनऊ, फरवरी 24 -- सेक्टर एल निवासी मानवेंद्र सिंह के पास रायफल के अलावा एक पिस्टल भी थी। जिस हथियार को उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए लिया था, वही उनकी जान का कारण बन गया। मानवेंद्र सिंह ने आत्मरक्षा के उद्देश्य से पिस्टल और रायफल का लाइसेंस बनवाया था। पिस्टल उनके नाम पर थी, लेकिन अक्सर उनके बेटे अक्षय प्रताप सिंह के पास रहती थी। पड़ोसियों के मुताबिक अक्षय शादी-ब्याह और अन्य कार्यक्रमों में भी पिस्टल लगाकर घूमता था। उसे हथियार चलाने की पूरी जानकारी थी। बताया जा रहा है कि पिता-पुत्र के बीच 20 फरवरी को तीखी कहासुनी के बाद अक्षय प्रताप सिंह ने पिता के सीने में रायफल से दो गोलियां दाग दीं। बेटी ने खोला राज मानवेंद्र सिंह की बेटी ने पड़ोसियों को बताया कि उसके भाई ने ही पिता को सामने से गोली मारी। किसी को घटना के बारे में न बताने के लिए धमकाया भी...