बागपत, जून 16 -- फादर्स डे पर घिटौरा गांव में आयोजित संगोष्ठी में पिता की महिमा का गुणगान किया गया। वक्ताओं ने पिता को परिवार के लिए त्याग करने वाली शख्सियत बताया। रविवार का फादर्स डे पर घिटौरा गांव में संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें पुत्रों ने पिताओं के चरण स्पर्श कर उनको सत्यार्थ प्रकाश और गीता भेंट की। वक्ताओं ने कहा कि दुनियां मे माता पिता से बढ़कर कुछ नही। जहां माता संस्कारों की जननी होती है, वहीं पिता संघर्षों के प्रतीक है। पिता अपनी इच्छाओं का त्याक कर पूरे परिवार का भार सहन करते है। संगोष्ठी में आचार्य आनन्द बैसला, जयचंद बैसला, रणवीर, महेंद्र, मास्टर चमन, सुनील, जय प्रकाश, प्रवेश बंसल, बिजेंद्र आदि शामिल रहे।
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