समस्तीपुर, दिसम्बर 14 -- रोसड़ा। कृषि विभाग की सख्ती और जीरो टॉलरेंस नीति के दावों के बावजूद प्रखंड क्षेत्र में यूरिया किसानों की पहुंच से दूर होता जा रहा है। विभागीय अधिकारी जहां सरकारी लाइसेंसी प्रतिष्ठानों में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। किसानों का आरोप है कि खाद विक्रेता बनावटी किल्लत दिखाकर मनमाना दाम वसूल रहे हैं। रबी सीजन के दौरान मक्का और गेहूं की दूसरी सिंचाई का कार्य चल रहा है। पटवन के तुरंत बाद खेतों में यूरिया का छिड़काव आवश्यक होता है। वहीं आलू की फसल में भी इस समय यूरिया की भारी जरूरत है। ऐसे में खाद की कमी किसानों की परेशानी बढ़ा रही है। किसानों का कहना है कि बाजार में यूरिया की कालाबाजारी खुलेआम हो रही है। जहां निर्धारित मूल्य 266 रुपये प्रति बैग है, वहीं कालाबाजारी ...