वाराणसी, फरवरी 6 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। अंतरराष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान हैदराबाद के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक प्रभाव उन गरीब समुदायों पर पड़ रहा है, जिनका इसमें सबसे कम योगदान है। यह खाद्य सुरक्षा, आजीविका और संसाधनों के लिए गंभीर खतरा है। वह 'सतत विकास के लिए जलवायु अनुकूल कृषि : नवाचार और समाधान' विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में गुरुवार को मुख्य अतिथि थे। बीएचयू के स्वतंत्रता भवन सभागार में तीन दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन डॉ. पाठक ने कहा कि जलवायु परिवर्तन को एक साझा चुनौती है जिसका सामूहिक समाधान तलाशना होगा। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने दुनियाभर से जुटे वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि तीन दिवसीय विमर्श भारतीय एवं वैश्विक कृ...
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