मधुबनी, फरवरी 5 -- बेनीपट्टी,निज प्रतिनिधि। सैकड़ों के घरों में चूल्हा जलाने में सहायक रहे खादी भंडार का भवन आज स्वयं खंडहर बनकर सांप-बिच्छुओं का बसेरा बना हुआ है। करीब पांच एकड़ में फैला परिसर का चारोओर से चाहरदीवारी ध्वस्त होने के बाद भूमि का अतिक्रमण लगातार जारी है। परिसर का कुछ भाग एक निजी स्कूल के संचालक को लीज पर दिया गया है पर लीज से प्राप्त पैसा किस मद में खर्च हो रहा है इसकी जानकारी किसी को नहीं है। चारोओर से किये जा रहे अतिक्रमण से परिसर दिनानोदिन संकीण होती जा रही है। वर्ष दो हजार के दशक में बेहटा गांव स्थित एसएच 57 सड़क किनारे रहे खादी भंडार में चरखों की गुंज से पूरा मोहल्ला गुंजायमान रहता था। करीब पांच सौ की संख्या में महिला-पुरूष यहां रोजगार में थे। महिलाएं यहां से कपास अपने घर ले जाकर घरों में चरखा काटकर सूत तैयार करते थे और य...