गया, जून 10 -- गुरुआ प्रखंड के टड़वा, चाल्होपुर और केन्दुआ में मंगलवार को विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत किसानों को जागरूक करने के लिए एक दिवसीय कृषि गोष्ठी आयोजन किया गया। इस दौरान वैज्ञानिक डॉ. पंकज तिवारी ने किसानों को खरीफ फसलों की बुआई के पहले भूमि और बीज शोधन करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि फसलों में रोग बीज, मृदा, वायु, जल एवं कीटों से फैलते है। खरीफ की फसलों में झुलसा, झोंका, शीथब्लाइट, पत्ती धब्बा, मिथ्या कंण्डुआ, तुलासिता, बीज सड़न एवं उकठा रोग की प्रबल संभावना रहती है। कृषि वैज्ञानिक ने किसान भाइयों से बुआई से पहले बीज जनित व भूमि जनित रोगों से उपाय के तरीके सुझाए। साथ ही साथ वैज्ञानिक खेती की उन्नत तकनीक एवं सरकारी योजनाओं जैसे भारत सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, कुसुम योजना...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.