नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- भगवान सूर्य की उपासना और लोक आस्था का प्रतीक चार दिवसीय छठ महापर्व पूरे श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि (रविवार) को पर्व के दूसरे दिन व्रती महिलाओं ने पवित्रता, भक्ति और नियमों के साथ खरना पूजन किया। दिन भर उपवास रखने के बाद शाम को शुभ मुहूर्त में छठी माता की पूजा-अर्चना की गई। पूजा के बाद महिलाओं ने मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ की खीर, रोटी, केला, पूड़ी और रसियाव भात का प्रसाद तैयार किया। पूजा के पश्चात सूर्य देव और छठी माता को भोग लगाया गया और पूरे परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण किया गया। इस दौरान वातावरण भक्तिमय बन गया जब महिलाओं ने "हे छठी मइया सुन ल अरजिया हमार..." जैसे पारंपरिक भजन गाए। खरना पूजन के साथ ही छठ पर्व का सबसे कठिन अनुष्ठान- 36 घंटे का निर्जला व्रत आरंभ हो...
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