नई दिल्ली, दिसम्बर 10 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ओडिशा सरकार को खनन बकाया मामले में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष एक आवेदन पेश करने की स्वतंत्रता दी है। राज्य उन मामलों को अंतिम निपटान के लिए एक समर्पित पीठ को सौंपने का अनुरोध कर सकता है, जिनमें चूक करने वाले खनन पट्टेदारों से बकाया वसूली से जुड़ी कार्यवाही पर रोक लगा दी गई है। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ को सूचित किया गया कि उड़ीसा हाईकोर्ट के समक्ष कई याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें वसूली कार्यवाही में पारित आदेशों को चुनौती दी गई है और स्थगन हासिल किया गया है। पीठ ने कहा कि चूंकि, इसमें सार्वजनिक राजस्व का काफी हिस्सा शामिल है, इसलिए हम ओडिशा राज्य को 19 दिसंबर 2025 तक उड़ीसा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष एक आवेदन पेश करने की स्वतंत्रत...