रांची, फरवरी 21 -- रांची, संवाददाता। खनन से प्रभावित और परित्यक्त क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने के लिए वन उत्पादकता संस्थान ने महत्वपूर्ण पहल की है। संस्थान को झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की लगभग 20-25 खदानों में इको-रिस्टोरेशन (पारिस्थितिक पुनर्स्थापना) का जिम्मा सौंपा गया है। परियोजना के तहत विशेषज्ञ टीम सबसे पहले प्रभावित स्थलों की मृदा जांच और वैज्ञानिक समीक्षा करेगी। इसके आधार पर स्थानीय जलवायु के अनुकूल वृक्षों की प्रजातियों का चयन कर चरणबद्ध पौधरोपण किया जाएगा। योजना में केवल पौधरोपण ही नहीं, बल्कि भूमि सुधार, जैविक खाद का उपयोग और वर्षा जल संरक्षण जैसे उपाय भी शामिल हैं। उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में जैव विविधता को बढ़ाना, भू-क्षरण रोकना और पर्यावरण संतुलन को पुनः बहाल करना है।
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