जौनपुर, दिसम्बर 3 -- बरईपार, हिन्दुस्तान संवाद। मछलीशहर तहसील के बहुत से किसान सरकारी क्रय केन्द्रों पर धान विक्रय के लिए किसान परेशान हैं। सरकारी बेवसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना होता है। उपजिलाधिकारी के आनलाइन सत्यापन के बाद ही धान क्रय केंद्रों पर बेचा जा सकता है। इस बार आन लाइन पंजीकरण कराने पर कंप्यूटर खतौनी नंबर मांगता है। उसको डालने पर जब नाम आता है तो खतौनी में जितने नाम होते हैं सबका बराबर अंश निर्धारण हो जा रहा है। जबकि सबका अंश अलग-अलग होता है। इसी अंश निर्धारण के आधार पर जमीन कम होने के कारण बेचने का लक्ष्य बहुत कम हो जा रहा है। इसस सैकड़ों किसान परेशान हैं। हालत यह है कि अधिक खेत और अधिक उपज देने वाले किसान तहसील का चक्कर काट रहे हैं। थक हार कर औने-पौने दाम पर अपनी उपज बाजार में व्यापारियों के हाथ बेचने को मजबूर हैं। 70 कुंतल धान...