नवादा, दिसम्बर 6 -- कौआकोल। शिव शंकर सिंह कौआकोल और पकरीबरावां को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर सरौनी के पास नाटी नदी पर बना पुल अब सिर्फ एक ढांचा सरीखा जर्जरहाल में अवस्थित है, जो मौत को खुला आमंत्रण दे रहा है। इस पुल से यूं तो कोई भी गुजरने से परहेज करता है लेकिन मजबूरीवश गुजरना पड़े तो खतरे की खुली आशंका से सिहर कर रह जाता है। 1960 के दशक में निर्मित यह पुल अपनी निर्धारित जीवनकाल से कहीं आगे निकल चुका है और आज पूरी तरह से असुरक्षित एवं जर्जर हालत में है। यह केवल क्षेत्रीय निवासियों के लिए नहीं, बल्कि नवादा, पटना, गया, कोलकाता, जमुई, रांची, हजारीबाग, धनबाद, शेखपुरा, कोडरमा, औरंगाबाद, भागलपुर, देवघर, बरबीघा, लखीसराय और गिरिडीह जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय मार्गों के यात्रियों और मालवाहकों के लिए भी हर पल एक बड़ा खतरा पैद...
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