मधुबनी, जनवरी 8 -- खजौली,निज प्रतिनिधि। बाल विकास परियोजना कार्यालय खजौली के सभागार में शीतलहर के प्रभाव, लक्षण, बचाव एवं प्राथमिक उपचार को लेकर प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण बैठक का आयोजन किया गया। अध्यक्षता सीडीपीओ प्रति कुमारी ने की। प्रशिक्षण सत्र में यूनिसेफ के जिला समन्वयक डॉ. श्याम कुमार सिंह ने शीतलहर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि जब सर्दी के मौसम में तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाए और यह स्थिति दो या अधिक दिनों तक बनी रहे, तब शीतलहर की स्थिति उत्पन्न होती है। बिहार में आमतौर पर दिसंबर के तीसरे सप्ताह से जनवरी के तीसरे सप्ताह तक शीतलहर की संभावना अधिक रहती है। डॉ. सिंह ने कहा कि शीतलहर का सबसे अधिक प्रभाव वृद्ध, बच्चे और बीमार व्यक्तियों पर पड़ता है। इस मौसम में सांस और हृदय रोगियों को विशे...