गढ़वा, मार्च 17 -- मझिआंव, प्रतिनिधि। एक...दो साल नहीं 37 सालों से स्थानीय किसान महत्वाकांक्षी खजूरी जलाशय से सिंचाई की बाट जोह रहे हैं। चुनाव दर चुनाव होता रहा। हर चुनाव में खजूरी जलाशय से सिंचाई की मांग उठी पर अबतक योजना धरातल पर नहीं उतरा। सिंचाई के अभाव में खेत प्यासे रह गए। जलाशय शुरू करने की राह पर आ रही अड़चनों को दूर नहीं किया जा सका। स्थानीय लोग बताते हैं कि 1987 में एकीकृत बिहार में जलाशय का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री बिंदेश्वरी दूबे ने किया था। जलाशय का निर्माण कार्य पूरा हो गया पर उससे निकलने वाला नहर निर्माण में जा रही भुसुआ, बीरबंधा सहित अन्य गांवों के किसानों की जमीन के एवज में मुआवजा भुगतान रोड़ा बन गया। मुआवजा भुगतान में आ रही अड़चनों को दूर नहीं किया जा सका। उक्त वजह से ग्रामीणों के खेतों तक जलाशय का पानी सिंचाई के लि...
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