हरिद्वार, दिसम्बर 7 -- क्षेत्र पंचायत बहादराबाद की बैठक समय पर न कराए जाने से जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि बैठकें बार-बार टलने से विकास कार्य ठप पड़े हैं। नियमानुसार, एक वित्तीय वर्ष में चार बैठकें अनिवार्य हैं, जबकि अब तक केवल एक बैठक ही हो पाई है। उन्होंने बताया कि 29 नवंबर को प्रस्तावित बैठक का एजेंडा भी जारी कर दिया गया था, लेकिन अंतिम समय में इसे रद्द किया गया। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यही बैठकें ग्रामीण विकास की रीढ़ होती हैं, जिनमें योजनाओं, समस्याओं और विकास कार्यों पर निर्णय लिए जाते हैं। अत्मलपुर बोग्ला के प्रधान नीरज चौहान ने कहा कि बैठक न होने के कारण गांव की विकास निधि भी अटकी पड़ी है। क्षेत्र पंचायत सदस्य तनुज चौहान ने बताया कि अब तक तीन बैठकें हो जानी चाहिए थीं। वरिष्ठ उप प्रमुख उधम सिंह चौहान न...