बांका, जुलाई 12 -- अमरपुर(बांका)। निज संवाददाता बांका जिले के पौराणिक एवं धार्मिक स्थल के रूप में विख्यात सुप्रसिद्ध ज्येष्ठगौरनाथ मंदिर शिव, शव एवं शक्ति का अनूठा संगम है। यहां चांदन नदी के दक्षिण पश्चिमी तट पर अवस्थित यह मंदिर 14 सौ वर्ष से भी पुराना माना जाता है। प्रकृति की गोद में पहाड़ियों के बीच एवं नदी के किनारे बसा यह मंदिर अमरपुर से करीब आठ किलोमीटर तथा जिला मुख्यालय बांका से करीब 15 किलोमीटर दूर है। मान्यता है कि यह पृथ्वी का पहला शिवलिंग है, इसलिए इसे ज्येष्ठगौरनाथ कहा जाता है। जबकि इतिहास की मान्यताओं के अनुसार इस शिवलिंग को करीब 14 सौ वर्ष पहले हर्षवर्धन के समकालीन शासक शशांक गौर ने स्थापित किया था। यह मंदिर अपनी एतिहासिक, पौराणिक एवं धार्मिक मान्यताओं के लिए विख्यात है। इस मंदिर का शिवलिंग शिव महाकाल के रूप में स्थापित है। च...
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