उन्नाव, जून 6 -- उन्नाव। क्षय रोग के संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों की अब माइक्रोबायोलॉजी जांच की जाएगी। शासन ने सभी जिलों के सीएमओ को पत्र जारी कर संदिग्ध मरीजों की अनिवार्य रूप से माइक्रोबायोलॉजी जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब सभी जिलों में दो पालियों में नैट जांच की जाएगी। माइक्रोस्कोपी जांच केवल उन मरीजों की होगी जिनका पहले से उपचार चल रहा है। क्षय रोगियों को बेहतर उपचार मुहैया कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी के संभावित लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। शासन द्वारा जारी नई गाइडलांइस के मुताबिक नैट मशीनों का प्रभावी उपयोग कर दो पालियों में टीबी के लक्षण वाले मरीजों की माइक्रोबायॉजी जांच की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर तीसरी पाली में भी नैट मशीनों का संचालन किया जाएगा। इन...
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