गुड़गांव, जुलाई 21 -- गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। बीमा पॉलिसी लेते समय बीमारी का खुलासा न करने के आरोप में क्लेम रोकने को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने अमानवीय व्यवहार करार दिया। आयोग ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को Rs.60 लाख रुपये ब्याज सहित शिकायतकर्ता को वापस करने का आदेश दिया। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है। सेक्टर-39 निवासी मंजू अग्रवाल ने आयोग में दायर अपनी याचिका में बताया था कि उन्होंने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से बीमा पॉलिसी ली हुई थी। उनके पति मनोज कुमार मल्टी-ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम (एक ऐसी बीमारी जिसमें शरीर के कई अंग काम करना बंद कर देते हैं) से ग्रसित थे। 28 दिसंबर 2022 से 12 फरवरी 2023 तक मेदांता अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती रहे। इसी दौरान उनका निधन हो गया। जब उनकी पत...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.