कानपुर, जनवरी 30 -- अजीत प्रताप सिंह कानपुर। क्रोमियम-मर्करी का खतरा पैर पसारता जा रहा है, लेकिन खतरे से बचाव को लेकर सजगता नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने 19 से 29 जनवरी तक खून की जांच के सैंपल लेने के लिए अभियान चलाया। क्रोमियम-मर्करी प्रदूषण वाले इलाके के 1000 रहवासियों के खून का सैंपल लिया जाना था। हैरानी की बात यह रही कि पढ़ी-लिखी कॉलोनियों में रहने वालों ने जांच के लिए खून का सैंपल देने से मना कर दिया। लिहाजा, 587 (करीब 58 प्रतिशत) सैंपल ही लिए जा सके। कानपुर में क्रोमियम-मर्करी का खतरा 2020 में उजागर हुआ था। राखी मंडी अफीम कोठी और जूही बंबुरहिया के 44 रहवासियों के खून में क्रोमियम-मर्करी मानक से कई गुना अधिक पाया गया था। तब से मसला नेशनल ग्रीन अथॉरिटी (एनजीटी) की निगरानी में है। इसी क्रम में 2025 में एनजीटी ने सख्ती बरती तो स्वास्थ्य व...