नई दिल्ली, फरवरी 20 -- नई दिल्ली, प्र. सं.। क्रोएशिया गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविच ने भारत-क्रोएशिया संबंधों पर कहा कि उनके यहां विश्वविद्यालय में 1876 से संस्कृत पढ़ाई जा रही है। ये बातें वह डीयू के वाइस रीगल लॉज के कन्वेंशन हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने मार्को पोलो को याद करते हुए कहा कि सदियों पहले यात्रियों और विचारों के आदान-प्रदान ने ही एशिया और यूरोप को जोड़ा था। आज वही कार्य शिक्षा और ज्ञान कर रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने बताया कि क्रोएशिया के जाग्रेब विश्वविद्यालय में 1876 से संस्कृत का अध्ययन-अध्यापन होता आ रहा है, जो भारत-क्रोएशिया के गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रमाण है। इस अवसर क्रोएशिया गणराज्य के भारत में राजदूत पीटर लुबिसिच बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

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