नई दिल्ली, दिसम्बर 23 -- उत्सवों का महीना दिसंबर क्रिसमस की तारीख पच्चीस दिसंबर है, लेकिन क्रिसमस की शुरुआत पहली दिसंबर से ही हो जाती है। इस महीने के चारों हफ्तों को एड्वेंट सीजन कहा जाता है। एड्वेंट सीजन में लोग बाजारों, घरों और गिरिजाघरों में खुशियां मनाते हैं। अपने घरों को सजाते हैं। पकवान बनाते हैं और एक-दूसरे के साथ मिल-बांट कर खाते हैं। आइए इसे गहराई से समझते हैं : पहला रविवार 'आशा' का है। यह हमें याद दिलाता है कि प्रभु यीशु मसीह का इस संसार में आना ही हमारी सबसे बड़ी आशा है। वह आशा, जो जरूर पूरी होगी। ईसाई समुदाय विश्वास के जरिये ही इस आशा को बनाए रखते हैं। बाइबिल इस बात को कुछ इस तरह बताती है- 'क्योंकि जो आशा देखी जाती है, वह आशा नहीं।' (रोमियों 8:24), यानी जो आप देख सकते हैं, वह तो सामने है, लेकिन जो नहीं देख सकते वही आशा है। दूसर...
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