रामपुर, फरवरी 2 -- रामपुर। नए आपराधिक कानून बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) लागू होने के बाद साक्ष्यों की भूमिका और अधिक अहम हो गई है। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए साक्ष्य सुरक्षित रखना अब पुलिस की प्राथमिकता में शामिल है। इसी कड़ी में डायल-112 की पायलट रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब किसी भी आपराधिक घटना पर सबसे पहले पहुंचने वाली पीआरवी, स्थानीय पुलिस के आने तक क्राइम सीन को पूरी तरह सुरक्षित रखेगी। जिले में यूपी-112 के 51 वाहन है। जिसमे 36 चार पहिया और 15 दो पहिया वाहन शामिल है। जिनको जिले के 18 थानों के हिसाब से संचालित किया जाता है। अक्सर देखा जाता है कि वारदात के बाद पुलिस के पहुंचने से पहले ही घटनास्थल पर भीड़ जुट जाती है। जिससे फिंगर प्रिंट, फुट प्रिंट और अन्य अहम वैज्ञानिक साक्ष्य नष्ट हो जाते हैं। इसे रोकन...